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हिन्दी व्याकरण सामान्य 17 अक्टूबर 2026

कक्षा 9 — प्रत्यय (Suffix) शब्द-रचना

लेखक: ज्ञान आर्काइव

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प्रत्यय

उपसर्गों की तरह 'प्रत्यय' भी भाषा की लघुतम अर्थवान इकाइयाँ हैं, जो शब्द के अंत में लगकर नए-नए शब्द बनाते हैं। उपसर्गों की तरह इनका भी अपना अर्थ होता है और इनका प्रयोग भी शब्दों की भाँति स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता। निम्नलिखित उदाहरण देखिए- परीक्षा दें (टेस्ट दें)

मूल शब्दप्रत्ययनया शब्द
सुंदरतासुंदरता
ईमानदारईमानदार
मनुष्यत्वमनुष्यत्व
राष्ट्रईयराष्ट्रीय
प्यासआप्यासा
सुखईसुखी

प्रत्यय के प्रकार

प्रत्यय के भेद दो आधारों पर किए जा सकते हैं-

1. संस्कृत परंपरा के आधार पर

2. प्रकार्य के आधार पर।

संस्कृत में दो तरह के प्रत्यय मिलते हैं।

1. कुछ प्रत्यय क्रिया शब्दों में लगकर संज्ञा और विशेषण शब्द बनाते हैं। ऐसे प्रत्ययों को कृत् प्रत्यय कहा जाता है।

2. कुछ प्रत्यय क्रिया के अलावा अन्य शब्दों, जैसे- संज्ञा, विशेषण, अव्यय आदि में लगकर संज्ञा, विशेषण आदि बनाते हैं।

ऐसे प्रत्ययों को तद्धित प्रत्यय कहा जाता है। संस्कृत परंपरा के आधार पर हिंदी के प्रत्ययों को भी हम दो वर्गों में बाँट सकते हैं- कृत् प्रत्यय तथा तद्धित प्रत्यय।

इन दोनों वर्गों में संस्कृत से आए 'तत्सम' 'तद्भव' तथा 'अरबी-फ़ारसी' आदि अन्य भाषाओं से आए 'आगत या विदेशी' तीनों ही प्रकार के प्रत्यय आ जाते हैं, जैसे-

तत्सम प्रत्ययतद्भव प्रत्ययअरबी-फ़ारसी प्रत्यय
प्रत्ययउदाहरणप्रत्ययउदाहरणप्रत्ययउदाहरण
कृत् प्रत्ययअकनर्तकनाओढ़नादारदेनदार
तद्धित प्रत्ययत्वदेवत्वईखेतीख़ोररिश्वतख़ोर

जहाँ तक एक प्रत्यय के प्रकार्य का प्रश्न है, आप देखेंगे कि कुछ प्रत्यय लिंग परिवर्तन का कार्य करते हैं, कुछ संज्ञा से विशेषण, विशेषण से संज्ञा आदि बनाने का कार्य करते हैं। इसके अलावा कुछ प्रत्ययों से संज्ञाओं के व्यवसाय, स्थान आदि का पता चलता है। इन्हीं विभिन्न प्रकार्यों के आधार पर प्रत्ययों के अलग-अलग भेद हो जाते हैं।

1. संस्कृत परंपरा के आधार पर प्रत्यय-भेद

(i) कृत् प्रत्यय या क्रिया रूपों में लगनेवाले प्रत्यय-

वे प्रत्यय जो क्रिया के मूल रूप के साथ जुड़कर संज्ञा, विशेषण आदि नए शब्दों की रचना करते हैं 'कृत् प्रत्यय' कहलाते हैं। क्रिया रूपों के साथ कृत् प्रत्यय निम्नलिखित स्थितियों में प्रयुक्त हो सकते हैं-

(क) क्रिया का कर्ता या करने वाला- ये प्रत्यय क्रिया शब्दों में लगते हैं तथा कर्ता या क्रिया को करने वाली संज्ञा की रचना करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
अकपाठक, गायक, लेखक, नायक, धावक
उकभिक्षुक, भावुक
तादाता, कर्ता, नेता
अक्कड़पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़
आऊकमाऊ, खाऊ, उड़ाऊ
हारहोनहार, खेवनहार, सेवनहार
ऐया/वैयागवैया, खिवैया

(ख) क्रिया का कर्म - ये प्रत्यय भी क्रिया के मूल रूप (धातु) में लगते हैं तथा क्रिया के 'कर्म' की रचना करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
नाखाना, गाना, रोना
नीचटनी, बेलनी, सूँघनी, फूंकनी (सभी वस्तुएँ)
औनाखिलौना, बिछौना

(ग) क्रिया का परिणाम - ये प्रत्यय भाववाचक संज्ञा बनाने का कार्य करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
आईपढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई
आनमिलान, उठान
आवटमिलावट, सजावट
ईबोली, हँसी
अनचलन, गमन, मिलन

(घ) क्रिया करने का साधन- ये प्रत्यय क्रिया के मूल रूप (धातु) में जुड़कर क्रिया को संपन्न करने के साधन का बोध कराते हैं, जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
आठेला, झूला
नीचलनी, फूंकनी
ईफाँसी, रेती
नाबेलना, बँकना, पिटना (सभी वस्तुएँ)

(ङ) क्रिया करने के योग्य होना- ये कृत् प्रत्यय धातुओं में जुड़कर क्रियावाचक विशेषण तथा संज्ञा आदि शब्दों की रचना करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
अनीयकथनीय, करणीय, पठनीय
यगेय, प्रेय, देय
तव्यगंतव्य, कर्तव्य, दृष्टव्य

(ii) तद्धित प्रत्यय या अन्य शब्दों में लगने वाले प्रत्यय-

ये प्रत्यय क्रिया के अलावा अन्य शब्दों, जैसे- संज्ञा, विशेषण, अव्यय आदि में लगते हैं और प्रायः संज्ञा/विशेषण आदि बनाते हैं; जैसे-

(क) संज्ञा से संज्ञा- ये प्रत्यय 'संज्ञा' शब्दों में लगकर 'संज्ञा' शब्दों की ही रचना करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
इयाडिबिया, खटिया, बिटिया
ईचोरी, खेती, पहाड़ी, रस्सी
आरलुहार, सुनार
आपाबुढ़ापा, मोटापा
पनबचपन, लड़कपन
ता/त्वमानवता, मनुष्यत्व
ड़ामुखड़ा, दुखड़ा
वानधनवान, गाड़ीवान
गरजादूगर, बाजीगर
दारदुकानदार, जमींदार, किराएदार
कारकलाकार, पत्रकार, साहित्यकार
हारालकड़हारा, पालनहारा

(ख) विशेषण से संज्ञा- ये प्रत्यय 'विशेषण' शब्दों में लगकर 'संज्ञा' शब्द बनाते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
तासुंदरता, योग्यता, महत्ता, लघुता
ईगरीबी, रईसी, अमीरी, बीमारी
आसमिठास, खटास
आईअच्छाई, बुराई, मिठाई
आहटकड़वाहट, चिकनाहट

(ग) संज्ञा से विशेषण- ये प्रत्यय 'संज्ञा' शब्दों से जुड़कर 'विशेषण' शब्दों की रचना करते हैं; जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
आभूखा, प्यासा, ठंडा
ईलाजहरीला, शर्मीला, बर्फीला
ईबंगाली, जापानी, गुलाबी, ऊनी
ईनरंगीन, नमकीन, शौकीन
आनासालाना, रोजाना, मर्दाना
एराचचेरा, ममेरा, फुफेरा
इकधार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक
एलूघरेलू

(घ) क्रियाविशेषण से विशेषण- ये प्रत्यय 'क्रियाविशेषण' शब्दों में लगकर 'विशेषण' शब्दों की रचना करते हैं, जैसे-

प्रत्ययउदाहरण
लाअगला, पिछला, मंझला, निचला

2. प्रकार्य के आधार पर प्रत्यय-भेद

प्रत्ययों का वर्गीकरण इस आधार पर भी किया जाता है कि उनका प्रकार्य (Function) क्या है? प्रकार्य के आधार पर प्रत्ययों के निम्नलिखित भेद हो सकते हैं-

(i) लिंग परिवर्तक प्रत्यय -

इस वर्ग में पुल्लिंग से स्त्रीलिंग तथा स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनाने वाले प्रत्यय आते हैं। दोनों के उदाहरण देखिए -

(क) पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनानेवाले प्रत्यय:

प्रत्ययपुल्लिंगस्त्रीलिंगपुल्लिंगस्त्रीलिंग
आबालबालाप्रियप्रिया
सुतसुताशिष्यशिष्या
ईघोड़ाघोड़ीबेटाबेटी
दासदासीदेवदेवी
आनीनौकरनौकरानीदेवरदेवरानी
जेठजेठानीमेहतरमेहतरानी
आइनपंडितपंडिताइनबाबूबबुआइन
इयाकुत्ताकुतियाबंदरबँदरिया
चूहाचुहियाबूढ़ाबुढ़िया
नीमोरमोरनीचोरचोरनी
ऊँटऊँटनीजाटजाटनी
इकागायकगायिकानायकनायिका

(ख) स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनानेवाले प्रत्यय:

प्रत्ययस्त्रीलिंग शब्दपुल्लिंग शब्दस्त्रीलिंग शब्दपुल्लिंग शब्द
आभैंसभैंसामौसीमौसा

(ii) संज्ञा से विशेषण बनानेवाले प्रत्यय-

प्रत्ययसंज्ञा शब्दविशेषणसंज्ञा शब्दविशेषण
ईबसंतबसंतीधनधनी
लोभलोभीबैंगनबैंगनी
आभूखभूखाप्यासप्यासा
लुकृपाकृपालुदयादयालु
ऊबाजारबाजारूगँवारगँवारू
मानबुद्धिबुद्धिमानश्रीश्रीमान
वानगुणगुणवानधनधनवान
आवनाडरडरावनालोभलुभावना

(iii) भाववाचक संज्ञा बनानेवाले प्रत्यय-

प्रत्ययशब्दभाववाचक संज्ञाशब्दभाववाचक संज्ञा
आवटमिलमिलावटबनबनावट
आसमीठामिठासखट्टाखटास
इमामहामहिमालाललालिमा
तामित्रमित्रताआवश्यकआवश्यकता
पनबच्चाबचपनअपनाअपनापन
आपाबूढ़ाबुढ़ापामोटामोटापा
आहटचिकनाचिकनाहटझल्ला (ना)झल्लाहट
आईभलाभलाईबुराबुराई

(iv) व्यवसायबोधक प्रत्यय-

प्रत्ययशब्दनया शब्दशब्दनया शब्द
आरलोहालुहारसोनासुनार
वालाचायचायवालादूधदूधवाला
गरसौदासौदागरजादूजादूगर

(v) स्थानबोधक प्रत्यय-

प्रत्ययशब्दनया शब्दशब्दनया शब्द
ईपंजाबपंजाबीबंगालबंगाली
चीनचीनीजापानजापानी
ईयभारतभारतीय

(vi) स्तरबोधक प्रत्यय-

तर/तमउच्चउच्चतरउच्चतम
श्रेष्ठश्रेष्ठतरश्रेष्ठतम
लघुलघुतरलघुतम

आगत/विदेशी प्रत्यय

प्रत्ययशब्दनया शब्दशब्दनया शब्दशब्दनया शब्द
आनासालसालानामेहनतमेहनतानारोजरोजाना
नाकखतराखतरनाकशर्मशर्मनाकदर्ददर्दनाक
ईनामाहमहीनाशबशबीनानगनगीना
अंदाजतीरतीरंदाजगोलागोलंदाजनजरनजरंदाज
दारदुकानदुकानदारमकानमकानदारईमानईमानदार
दानपानपानदानपीकपीकदानकलमकलमदान
बाजधोखाधोखेबाजपतंगपतंगबाजचालचालबाज
मंदअक्लअक्लमंददौलतदौलतमंदजरूरतजरूरतमंद

उपसर्ग एवं प्रत्यय दोनों का एक साथ प्रयोग

उपसर्गमूल शब्दप्रत्ययनया शब्द
उपकारअकउपकारक
अनउदारताअनुदारता
बेकारईबेकारी
बदचलनईबदचलनी
बेचैनईबेचैनी
निस्चिंतातानिश्चिंतता
अभिमानईअभिमानी
अपमानइतअपमानित
निलंबइतनिलंबित
सुलभतासुलभता
निर्दयाईनिर्दयी
परिपूर्णतापरिपूर्णता

दो प्रत्ययों का एक साथ प्रयोग

मूल शब्दप्रत्ययप्रत्ययनया शब्द
राष्ट्रईयताराष्ट्रीयता
मानवईयतामानवीयता
ईमानदारईईमानदारी
खरीददारईखरीददारी

पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक में प्रयुक्त प्रत्यय शब्द

क्षितिज-1 (पाठ्यपुस्तक) गद्य खंड

पाठ-1 (दो बैलों की कथा)

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
सीधापनसीधापन
सहिष्णुतासहिष्णुता
लड़ाईलड़आई
श्रेष्ठताश्रेष्ठता
ससुरालससुरआल
रस्सीरस्साई
चिकनाहटचिकनाआहट
पकड़ाईपकड़आई
आत्मीयताआत्माईय + ता
मालकिनमालिकइन
आजादीआजादई
सांकेतिकसंकेतइक
दढ़ियलदाढ़ीइयल

पाठ-2 ल्हासा की ओर

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
व्यापारिकव्यापारइक
फ़ौजीफ़ौजई
दूधवालीदूधवाली
चढ़ाईचढ़आई
सफ़ेदीसफ़ेदई
थकावटथकआवट
देवतादेवता
जागीरदारजागीरदार

पाठ-3 उपभोक्तावाद की संस्कृति

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
विलासिताविलासइता
चमकीलाचमकईला
सच्चाईसच्चाआई
ललचाईलालचआई
आधुनिकताआधुनिकता
तात्कालिकतत्कालइक

पाठ-4 साँवले सपनों की याद

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
अंतहीनअंतहीन
समर्पितसमर्पणइत
रेगिस्तानीरेगिस्तानई
बरफ़ीलीबरफ़ईला
भ्रमणशीलभ्रमणशील
परिचितपरिचयइत

पाठ-5 नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
क्रूरताक्रूरता
करुणापूर्णकरुणापूर्ण
अंतिमअंतइम
महाराष्ट्रीयमहाराष्ट्रईय

पाठ-6 प्रेमचंद के फटे जूते

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
साहित्यिकसाहित्यइक
बेपरवाहीबेपरवाहई
आनुपातिकअनुपातइक
सुरक्षितसुरक्षाइत
घृणितघृणाइत

पाठ-7 मेरे बचपन के दिन

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
प्रतिष्ठितप्रतिष्ठाइत
मित्रतामित्रता
नक्काशीदारनक्काशीदार
सांप्रदायिकतासंप्रदायइक + ता

पाठ-8 एक कुत्ता और एक मैना

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चक्करदारचक्करदार
सीढ़ियाँसीढ़ीइया + आँ
पुस्तकीयपुस्तकईय
व्याकुलताव्याकुलता
वैज्ञानिकविज्ञानइक
मुखरितमुखरइत

काव्य खंड

पाठ-9 साखियाँ एवं सबद

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
विधिवत्विधिवत्
प्रेमीप्रेमई
जनमियाजनमइया

पाठ-10 वाख

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
अहंकारीअहंकारई
उतराईउतरआई

पाठ-11 सवैये

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
सिद्धिसिद्धइ
आँखिनआँखइन
अधराअधरआ
मुसकानिमुसकानइ

पाठ-12 कैदी और कोकिला

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
संदेशासंदेशआ
कालिमामयीकालाइमा + मय + ई
ज्वालाएँज्वालाएँ
रुलानेवालीरुलानावाली
चमकीलेचमकईले

पाठ-13 ग्राम श्री

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
रोमांचितरोमांचइत
किंकिणियाँकिंकिणीयाँ
नीलीनीलाई
मुकुलितमुकुलइत
अंकितअंकइत

पाठ-14 चंद्र गहना से लौटती बेर

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
गुलाबीगुलाबई
व्यापारिकव्यापारइक
उपजाऊउपजआऊ
लहरियाँलहरइयाँ

पाठ-15 मेघ आए

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
अकुलाईआकुलआई
गहराईगहराई

पाठ-16 यमराज की दिशा

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
बुद्धिमानीबुद्धिमान + ई
समझाइशसमझआइश

पाठ-17 बच्चे काम पर जा रहे हैं

प्रत्यय युक्त शब्दमूल शब्दप्रत्यय
ढँकीढँकई
लिखतालिखता

कृतिका-1 (पूरक पाठ्यपुस्तक)

पाठ-1 इस जल प्रलय में

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
पीड़ितपीड़ाइत
परतीपरतई
अंकितअंकइत
रिक्शावालारिक्शावाला
जमींदारजमीनदार
सामूहिकसमूहइक
अतिथिशालाअतिथिशाला

पाठ-2 मेरे संग की औरतें

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
विलायतीविलायतई
मुँहजोरमुँहजोर
फरमाबरदारफ़रमाबरदार
पारंपरिकपरंपराइक
ससुरालवालेससुरालवाले
ईमानदारीईमानदार + ई
निष्पक्षतानिष्पक्षता
ममतालूममताआलू
भारतीयभारतईय
कन्यादानकन्यादान
रोमांचकरोमांचअक
नारीवादनारीवाद
जिद्दीपनजिद्दीपन

पाठ-3 रीढ़ की हड्डी

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
मालकिनमालिकइन
पूजावालीपूजावाली
बेवकूफीबेवकूफ़ई
चतुराईचतुरआई
तल्लीनतातल्लीनता
खरीददारखरीददार
कायरताकायरता
नौकरानीनौकरआनी
रुलासापनरुलासापन

पाठ-4 माटी वाली

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
शहरवासीशहरवासी
रोटियाँरोटीयाँ
किराएदारकिरायादार
भाग्यवानभाग्यवान
गोलाईगोलआई
ठकुराइनठाकुरआइन

पाठ-5 किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया

शब्दमूल शब्दप्रत्यय
रोजानारोजआना
अकेलापनअकेलापन
कृतज्ञताकृतज्ञता
स्वाभाविकस्वभावइक
सांप्रदायिकसंप्रदायइक
सुरक्षितसुरक्षाइत
वस्तुतःवस्तुतः

ध्यान देने योग्य बातें-

• संस्कृत परंपरा के आधार पर प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं- कृत् प्रत्यय तथा तद्धित प्रत्यय।

• 'प्रत्यय' शब्दों के छोटे-छोटे अंश हैं।

• प्रत्यय 'बद्ध रूप' हैं क्योंकि ये मूल शब्द से बँधकर ही आते हैं। अतः इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता।

• शब्दों की तरह इनका भी कोई न कोई निश्चित अर्थ होता है।

• प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं।

• प्रत्ययों का वर्गीकरण दो आधारों पर किया जाता है- (1) संस्कृत परंपरा के आधार पर तथा (2) प्रत्ययों के प्रकार्य के आधार पर।

• प्रकार्य के आधार पर प्रत्ययों के प्रमुख भेद हैं- लिंग परिवर्तक प्रत्यय, विशेषण तथा भाववाचक संज्ञा आदि बनानेवाले प्रत्यय, व्यवसायबोधक प्रत्यय, स्थानबोधक प्रत्यय और स्तरबोधक प्रत्यय।

• हिंदी में अनेक शब्दों की रचना उपसर्ग तथा प्रत्यय दोनों के मेल से भी होती है।

अभ्यास-कार्य

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उचित उत्तर विकल्पों में से चुनिए।

1. 'नी' प्रत्यय से बना शब्द निम्नलिखित में से कौन-सा नहीं है?

(क) बेलनी

(ख) उठावनी

(ग) सूँघनी

(घ) फूंकनी

2. 'एरा' प्रत्यय से बना शब्द निम्नलिखित में से कौन सा है?

(क) ममेरा

(ख) फुफेरा

(ग) चचेरा

(घ) इनमें से सभी

3. 'कृत्' तथा 'तद्धित' दोनों वर्गों में आते हैं-

(क) तत्सम प्रत्यय

(ख) तद्भव प्रत्यय

(ग) अरबी-फारसी प्रत्यय

(घ) इनमें से सभी

4. 'बबुआइन' में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) इन

(ख) आइन

(ग) (क) तथा (ख) दोनों

(घ) इनमें से कोई नहीं

5. निम्नलिखित में से कौन-सा आगत प्रत्यय नहीं है?

(क) ईना

(ख) बाज़

(ग) आस

(घ) मंद

6. 'पौराणिक' में मूल शब्द क्या है?

(क) पौरा

(ख) पौराण

(ग) पुराण

(घ) इनमें से कोई नहीं

7. निम्नलिखित में से कौन भाववाचक संज्ञा बनाने वाला प्रत्यय नहीं है?

(क) आस

(ख) पन

(ग) वान

(घ) ता

8. मूल शब्दों के साथ कितने प्रत्ययों का प्रयोग किया जाता है?

(क) एक

(ख) दो

(ग) आवश्यकतानुसार एक या दो

(घ) इनमें से कोई नहीं

9. 'भारतीयता' में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) ईय

(ख) ता

(ग) (क) तथा (ख) दोनों

(घ) इनमें से कोई नहीं

10. 'प्यासा' में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) सा

(ख) आ

(ग) (क) तथा (ख) दोनों

(घ) इनमें से कोई नहीं

11. प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है-

(क) शब्द के प्रारंभ में

(ख) शब्द के मध्य में

(ग) शब्द के अंत में

(घ) इनमें से सभी

12. प्रत्यय का भेद किन दो आधारों पर किया जाता है?

(क) संस्कृत परंपरा के आधार पर

(ख) प्रकार्य के आधार पर

(ग) (क) और (ख) दोनों

(घ) इनमें से कोई नहीं

13. 'सजावट' में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) वट

(ख) जावट

(ग) अवट

(घ) आवट

14. निम्नलिखित में से किस शब्द में आगत प्रत्यय का प्रयोग नहीं किया गया है?

(क) बसंती

(ख) सालाना

(ग) दुकानदार

(घ) दौलतमंद

15. क्रिया के मूल रूप के साथ जुड़कर संज्ञा विशेषण आदि नए शब्दों की रचना करने वाले प्रत्यय को क्या कहा जाता है?

(क) कृत् प्रत्यय

(ख) तद्धित प्रत्यय

(ग) लिंग परिवर्तक प्रत्यय

(घ) इनमें से सभी

16. निम्नलिखित किस शब्द में उपसर्ग एवं प्रत्यय दोनों का प्रयोग हुआ है?

(क) लोभी

(ख) मित्रता

(ग) बेकारी

(घ) बचपन

17. निम्नलिखित किस शब्द में कृत् प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है?

(क) पाठक

(ख) भिक्षुक

(ग) पढ़ाई

(घ) सुंदरता

18. निम्नलिखित किस शब्द में एक साथ दो प्रत्ययों का प्रयोग हुआ है?

(क) बुद्धिमान

(ख) चिकनाहट

(ग) राष्ट्रीयता

(घ) चायवाला

19. स्तरबोधक प्रत्यय का उदाहरण है-

(क) चलना

(ख) श्रेष्ठतम

(ग) मानवीयता

(घ) गुणवान

20. 'शृंगार' शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) र

(ख) गार

(ग) आर

(घ) गर

21. 'प्रेमिका' शब्द में मूल शब्द है-

(क) प्रेमी

(ख) प्रेम

(ग) (क) एवं (ख) दोनों

(घ) इनमें से कोई नहीं

22. 'भौतिकी' में कौन-सा प्रत्यय है?

(क) इकी

(ख) इक

(ग) ई

(घ) इयाँ

23. 'संपादक' शब्द में मूल शब्द है-

(क) संपादन

(ख) पादक

(ग) संपाद

(घ) इनमें से कोई नहीं

24. 'जूतियाँ' शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है-

(क) याँ

(ख) ईयाँ

(ग) इयाँ

(घ) इनमें से कोई नहीं

25. निम्नलिखित में से किस शब्द में भाववाचक संज्ञा बनानेवाला प्रत्यय नहीं है?

(क) सौदागर

(ख) महिमा

(ग) आवश्यकता

(घ) बुढ़ापा

उत्तर- 1 (ख), 2 (घ), 3 (घ), 4 (ख), 5 (ग), 6 (ग), 7 (ग), 8 (ग), 9 (ग), 10 (ख), 11 (ग), 12 (ग), 13 (घ), 14 (क), 15 (क), 16 (ग), 17 (घ), 18 (ग), 19 (ख), 20 (ग), 21 (ख), 22 (ग), 23 (ग), 24 (ग), 25 (क)

2. 'प्रत्यय' किसे कहते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

3. अंतर स्पष्ट कीजिए।

(क) उपसर्ग तथा प्रत्यय

(ख) कृत् प्रत्यय तथा तद्धित प्रत्यय

4. सही कथन पर सही (✔) का निशान तथा गलत कथन पर गलत (✖) का निशान लगाइए।

1. शब्द-रचना में प्रत्ययों की बड़ी उपयोगिता है। ( )

2. प्रत्यय शब्द के आरंभ में लग सकते हैं। ( )

3. प्रत्ययों का अपना अर्थ होता है। ( )

4. प्रकार्य की दृष्टि से सभी प्रत्यय एक ही तरह के होते हैं। ( )

5. क्रिया शब्दों में लगनेवाले प्रत्यय तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं। ( )

5. निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय छाँटकर अलग कीजिए।

1. धार्मिक

2. भवानी

3. भलाई

4. करणीय

5. बेईमानी

6. खटिया

7. होनहार

8. बर्फीला

9. झगड़ालू

10. रोजाना

11. प्रेमी

12. नायिका

13. हँसी

14. नमकीन

15. मधुरतम

6. उपयुक्त प्रत्यय छाँटकर निम्नलिखित शब्दों से नए शब्दों की रचना कीजिए।

ता, आइन, आ, इया, आस, आहट, आकू, ऊ, इका, तर, आनी, आस, दार, आर, ईय

शब्द — नए शब्द

1. गँवार

2. खट्टा

3. प्रभु

4. लाला

5. भैंस

6. गायक

7. डिब्बा

8. घबराना

9. लड़

10. उच्च

11. सोना

12. देवर

13. मीठा

14. दुकान

15. कथन

7. निम्नलिखित शब्दों में से 'कृत्' तथा 'तद्धित' प्रत्यय वाले शब्द अलग कीजिए।

नेता, डिबिया, खाऊ, चटनी, जादूगर, घरेलू, लिखाई, बेलना, अमीरी, सालाना, लघुतम, मरियल, अड़ियल, घबराहट, भिक्षुक, कर्तव्य

कृत् प्रत्ययतद्धित प्रत्यय
.............................
.............................
.............................
.............................
.............................
.............................

8. दिए गए प्रत्ययों से दो-दो शब्द बनाइए।

प्रत्यय शब्द शब्द

1. अक्कड़

2. आन

3. आर

4. गर

5. वाला

6. ई

7. ईला

8. आना

9. आहट

10. इया

11. अक

12. हार

13. आवट

14. अनीय

15. वान

16. ता

17. इक

18. पा

19. आई

20. इयल

21. एता

22. क

23. ना

24. कार

25. एरा

26. दान

27. मंद

28. नाक

29. बाज

30. मान

9. दिए गए शब्दों से मूल शब्द अलग कीजिए।

शब्दमूल शब्द
1. पाठक………
2. भिक्षुक………
3. खाऊ………
4. तैराक………
5. गरीबी………
6. बंगाली………
7. ऐतिहासिक………
8. चचेरा………
9. सुनार………
10. मोटापा………
11. लकड़ियाँ………
12. ललाइन………
13. ढकना………
14. अड़ियल………
15. कथनीय………
16. अमरत्व………
17. खिवैया………
18. सालाना………
19. मानवता………
20. फुफेरा………

10. निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग, मूल शब्द तथा प्रत्यय अलग कीजिए।

उपसर्गमूल शब्दप्रत्यय
1. परिपूर्णता…….……….…….
2. बेकारी…….……….…….
3. बददिमागी…….……….…….
4. प्रतिकूलता…….……….…….
5. निश्चिंतता…….……….…….
6. निर्दयी…….……….…….
7. स्वदेशी…….……….…….
8. अभिमानी…….……….…….
9. अनुदारता…….……….…….
10. असफलता…….……….…….

अतिरिक्त बहुविकल्पीय प्रश्न — स्तर 1: आसान

पहचान वाले सीधे प्रश्न — पहले ख़ुद हल करें।

1. ‘सुंदरता’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) दरता
(ख) आ
(ग) ता
(घ) रता

2. ‘ईमानदार’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) आर
(ख) मान
(ग) अर
(घ) दार

3. ‘मनुष्यत्व’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) व
(ख) त्व
(ग) ष्यत्व
(घ) अत्व

4. ‘राष्ट्रीय’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ईया
(ख) ट्रीय
(ग) ईय
(घ) य

5. ‘सुखी’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ही
(ख) ई
(ग) खी
(घ) उखी

6. ‘गायक’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) यक
(ख) आयक
(ग) अक
(घ) क

7. ‘पढ़ाई’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ई
(ख) आ
(ग) ढ़ाई
(घ) आई

8. ‘मिठास’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) इठास
(ख) आस
(ग) ठास
(घ) स

9. ‘बचपन’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) न
(ख) अपन
(ग) पन
(घ) चपन

10. ‘बुढ़ापा’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) पा
(ख) ढ़ापा
(ग) आ
(घ) आपा

11. ‘लुहार’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) उहार
(ख) आर
(ग) हार
(घ) र

12. ‘जहरीला’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ईल
(ख) ला
(ग) रीला
(घ) ईला

13. ‘रंगीन’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ईना
(ख) गीन
(ग) ईन
(घ) न

14. ‘सालाना’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ना
(ख) आन
(ग) आना
(घ) लाना

15. ‘खिलौना’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) ना
(ख) ओना
(ग) लौना
(घ) औना

16. ‘मिलावट’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) आवट
(ख) वट
(ग) अट
(घ) लावट

17. ‘घबराहट’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) आहट
(ख) अट
(ग) हट
(घ) राहट

18. ‘लालिमा’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) आमा
(ख) इमा
(ग) मा
(घ) लिमा

19. ‘अगला’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) अला
(ख) ला
(ग) गला
(घ) आ

20. ‘उच्चतम’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) च्चतम
(ख) म
(ग) अम
(घ) तम

21. ‘चायवाला’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) वाला
(ख) आला
(ग) ला
(घ) वा

22. ‘जादूगर’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) र
(ख) गर
(ग) दूगर
(घ) अर

23. ‘जापानी’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) पानी
(ख) नी
(ग) आनी
(घ) ई

24. ‘घोड़ी’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) री
(ख) ई
(ग) ओड़ी
(घ) ड़ी

25. ‘घोड़ा → घोड़ी’ में ‘ई’ किस प्रकार का प्रत्यय है?
(क) स्थानबोधक
(ख) लिंग परिवर्तक
(ग) व्यवसायबोधक
(घ) स्तरबोधक

26. ‘सुनार’ में ‘आर’ किस प्रकार का प्रत्यय है?
(क) स्तरबोधक
(ख) स्थानबोधक
(ग) लिंग परिवर्तक
(घ) व्यवसायबोधक

27. ‘पंजाबी’ में ‘ई’ किस प्रकार का प्रत्यय है?
(क) स्थानबोधक
(ख) व्यवसायबोधक
(ग) लिंग परिवर्तक
(घ) स्तरबोधक

28. ‘श्रेष्ठतर’ में ‘तर’ किस प्रकार का प्रत्यय है?
(क) स्तरबोधक
(ख) स्थानबोधक
(ग) लिंग परिवर्तक
(घ) व्यवसायबोधक

29. ‘भैंस → भैंसा’ में ‘आ’ प्रत्यय क्या करता है?
(क) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(ख) पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाता है
(ग) भाववाचक संज्ञा बनाता है
(घ) स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनाता है

30. प्रत्ययों को ‘बद्ध रूप’ क्यों कहा जाता है?
(क) ये हमेशा शब्द के आरंभ में आते हैं
(ख) ये मूल शब्द से बँधकर ही आते हैं, स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता
(ग) इनका कोई अर्थ नहीं होता
(घ) ये केवल संस्कृत में होते हैं

31. संस्कृत परंपरा के आधार पर प्रत्यय के दो भेद कौन-से हैं?
(क) लिंग और वचन
(ख) तत्सम और तद्भव
(ग) देशज और विदेशी
(घ) कृत् और तद्धित

32. ‘मूल शब्द + प्रत्यय = नया शब्द’ — इसका सही उदाहरण कौन-सा है?
(क) प्यास + आ = प्यासा
(ख) राष्ट्र + पिता = राष्ट्रपिता
(ग) अ + सुंदर = असुंदर
(घ) वि + योग = वियोग

इस स्तर के उत्तर और कारण लेख के अंत में ‘उत्तर कुंजी’ में दिए गए हैं — पहले ख़ुद हल करें, फिर मिलाएँ।

अतिरिक्त बहुविकल्पीय प्रश्न — स्तर 2: मध्यम

शब्द तोड़ना-जोड़ना, मूल शब्द और भेद पहचानना।

1. ‘मानवीयता’ में कौन-से प्रत्यय हैं?
(क) वीय + ता
(ख) केवल ता
(ग) ईय + ता
(घ) ईयता

2. ‘ईमानदारी’ में कौन-से प्रत्यय हैं?
(क) केवल ई
(ख) आर + ई
(ग) दार + ई
(घ) दारी

3. ‘उपकारक’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) उ + पकार + क
(ख) उपका + र + अक
(ग) उप + कार + अक
(घ) उप + कारक

4. ‘अनुदारता’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) अनु + दार + ता
(ख) अन + दारता
(ग) अन् + उदार + ता
(घ) अ + नुदार + ता

5. ‘बेचैनी’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) बे + चैन + ई
(ख) बे + चैनी
(ग) बेच + ऐन + ई
(घ) ब + एचैन + ई

6. ‘व्यापारिक’ में मूल शब्द क्या है?
(क) व्यय
(ख) व्यापारी
(ग) पारिक
(घ) व्यापार

7. ‘साहित्यिक’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) साहित्य + इक
(ख) साहित्यि + क
(ग) साहित + यिक
(घ) साहि + त्यिक

8. ‘सामूहिक’ में मूल शब्द क्या है?
(क) समूह
(ख) सामू
(ग) समूहि
(घ) सामूह

9. ‘स्वाभाविक’ में मूल शब्द क्या है?
(क) स्वभाव
(ख) स्वाभावि
(ग) स्वाभाव
(घ) भाव

10. ‘चमकीला’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) चमक + ला
(ख) चम + कीला
(ग) चमक + ईला
(घ) चमकी + ला

11. ‘थकावट’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) थकाव + ट
(ख) थ + कावट
(ग) थक + आवट
(घ) थका + वट

12. ‘मालकिन’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) मालक + इन
(ख) मालिक + किन
(ग) मालिक + इन
(घ) माल + किन

13. ‘ठकुराइन’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) ठाकुर + आइन
(ख) ठकु + राइन
(ग) ठाकुर + इन
(घ) ठकुर + इन

14. ‘भाग्यवान’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) भाग्यव + आन
(ख) भाग + यवान
(ग) भाग्य + आन
(घ) भाग्य + वान

15. ‘किराएदार’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) किराया + दार
(ख) किराए + आर
(ग) किराय + दार
(घ) किरा + एदार

16. ‘कर्तव्य’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) य
(ख) तव्य
(ग) अव्य
(घ) व्य

17. ‘पठनीय’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) अनीय
(ख) ईय
(ग) नीय
(घ) य

18. ‘गेय’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) य
(ख) इय
(ग) एय
(घ) गे

19. ‘नर्तक’ में प्रयुक्त प्रत्यय किस वर्ग का है?
(क) लिंग परिवर्तक प्रत्यय
(ख) स्थानबोधक प्रत्यय
(ग) तद्धित प्रत्यय
(घ) कृत् प्रत्यय

20. ‘देवत्व’ में प्रयुक्त प्रत्यय किस वर्ग का है?
(क) कृत् प्रत्यय
(ख) लिंग परिवर्तक प्रत्यय
(ग) स्तरबोधक प्रत्यय
(घ) तद्धित प्रत्यय

21. ‘ओढ़ना’ में ‘ना’ कैसा प्रत्यय है?
(क) अरबी-फ़ारसी तद्धित प्रत्यय
(ख) तद्भव कृत् प्रत्यय
(ग) तत्सम कृत् प्रत्यय
(घ) तत्सम तद्धित प्रत्यय

22. ‘रिश्वतख़ोर’ में ‘ख़ोर’ कैसा प्रत्यय है?
(क) तद्भव कृत् प्रत्यय
(ख) तत्सम तद्धित प्रत्यय
(ग) तत्सम कृत् प्रत्यय
(घ) अरबी-फ़ारसी तद्धित प्रत्यय

23. ‘देनदार’ में ‘दार’ कैसा प्रत्यय है?
(क) तत्सम तद्धित प्रत्यय
(ख) तद्भव तद्धित प्रत्यय
(ग) तत्सम कृत् प्रत्यय
(घ) अरबी-फ़ारसी कृत् प्रत्यय

24. ‘पियक्कड़, भुलक्कड़’ में ‘अक्कड़’ प्रत्यय क्या बताता है?
(क) क्रिया का परिणाम
(ख) क्रिया का साधन
(ग) क्रिया का कर्म
(घ) क्रिया का कर्ता

25. ‘मिलन, चलन, गमन’ में ‘अन’ प्रत्यय क्या बनाता है?
(क) क्रिया का साधन
(ख) क्रिया का कर्ता
(ग) स्थानवाचक शब्द
(घ) क्रिया का परिणाम (भाववाचक संज्ञा)

26. ‘करणीय, कथनीय’ में ‘अनीय’ क्या बताता है?
(क) क्रिया करने के योग्य होना
(ख) क्रिया का साधन
(ग) क्रिया का परिणाम
(घ) क्रिया का कर्ता

27. ‘लोभ → लोभी’ में प्रत्यय क्या करता है?
(क) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(ख) विशेषण से संज्ञा बनाता है
(ग) लिंग बदलता है
(घ) संज्ञा से संज्ञा बनाता है

28. ‘गरीब → गरीबी’ में प्रत्यय क्या करता है?
(क) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(ख) क्रिया से संज्ञा बनाता है
(ग) विशेषण से संज्ञा बनाता है
(घ) लिंग बदलता है

29. ‘डिबिया, खटिया, बिटिया’ में ‘इया’ प्रत्यय क्या करता है?
(क) संज्ञा से संज्ञा बनाता है
(ख) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(ग) विशेषण से संज्ञा बनाता है
(घ) क्रियाविशेषण से विशेषण बनाता है

30. ‘पिछला, निचला’ में ‘ला’ प्रत्यय क्या करता है?
(क) विशेषण से संज्ञा बनाता है
(ख) क्रियाविशेषण से विशेषण बनाता है
(ग) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(घ) लिंग बदलता है

31. ‘शर्मनाक’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) क
(ख) मनाक
(ग) नाक
(घ) आक

इस स्तर के उत्तर और कारण लेख के अंत में ‘उत्तर कुंजी’ में दिए गए हैं — पहले ख़ुद हल करें, फिर मिलाएँ।

अतिरिक्त बहुविकल्पीय प्रश्न — स्तर 3: कठिन

संधि के साथ खंड, असंगत विकल्प और कथन-कारण।

1. ‘राष्ट्रीयता’ में प्रत्यय किस क्रम से जुड़े हैं?
(क) केवल ईय
(ख) पहले ईय, फिर ता
(ग) पहले ता, फिर ईय
(घ) केवल ता

2. ‘सांप्रदायिकता’ में मूल शब्द क्या है?
(क) प्रदाय
(ख) सांप्रदाय
(ग) सांप्रदायिक
(घ) संप्रदाय

3. ‘वैज्ञानिक’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) वैज्ञा + निक
(ख) विज्ञान + इक
(ग) विज्ञान + निक
(घ) वैज्ञान + इक

4. ‘कालिमामयी’ में कौन-से प्रत्यय हैं?
(क) केवल मयी
(ख) इमा + मय + ई
(ग) लिमा + यी
(घ) मा + मयी

5. ‘बुद्धिमानी’ में कौन-से प्रत्यय हैं?
(क) मान + ई
(ख) केवल ई
(ग) आनी
(घ) मानी

6. ‘आनुपातिक’ में मूल शब्द क्या है?
(क) अनुपाति
(ख) अनुपात
(ग) पात
(घ) आनुपात

7. किस शब्द में कृत् प्रत्यय है?
(क) मिठास
(ख) गंतव्य
(ग) बंगाली
(घ) लड़कपन

8. किस शब्द में तद्धित प्रत्यय है?
(क) पढ़ाई
(ख) खिलौना
(ग) लड़कपन
(घ) गायक

9. किस शब्द का प्रत्यय भाववाचक संज्ञा नहीं बनाता?
(क) सजावट
(ख) बुढ़ापा
(ग) जहरीला
(घ) मिठास

10. किस शब्द में स्थानबोधक प्रत्यय नहीं है?
(क) बंगाली
(ख) सुनार
(ग) भारतीय
(घ) चीनी

11. ‘रोजाना’ में ‘आना’ प्रत्यय किस स्रोत का है?
(क) अंग्रेज़ी
(ख) तद्भव
(ग) तत्सम
(घ) अरबी-फ़ारसी (आगत)

12. ‘मेहनताना’ में मूल शब्द क्या है?
(क) ताना
(ख) मेहन
(ग) मेहनत
(घ) मेहनता

13. ‘दौलतमंद’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) मंद
(ख) द
(ग) अंद
(घ) तमंद

14. ‘लघु → लघुतर → लघुतम’ में ‘तर’ और ‘तम’ क्या बताते हैं?
(क) लिंग
(ख) व्यवसाय
(ग) तुलना का स्तर
(घ) स्थान

15. ‘प्रिय → प्रिया’ में ‘आ’ प्रत्यय क्या करता है?
(क) भाववाचक संज्ञा बनाता है
(ख) स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनाता है
(ग) संज्ञा से विशेषण बनाता है
(घ) पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाता है

16. ‘ससुराल’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) राल
(ख) आल
(ग) उराल
(घ) ल

17. ‘अंतिम’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) म
(ख) इम
(ग) तिम
(घ) अम

18. ‘विधिवत्’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(क) वत्
(ख) त्
(ग) अवत्
(घ) धिवत्

19. ‘सुरक्षित’ का मूल शब्द और प्रत्यय क्या है?
(क) सुरक्ष + इत
(ख) सुरक्षि + त
(ग) रक्षा + इत
(घ) सुरक्षा + इत

20. ‘प्रतिष्ठित’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) प्रतिष्ठ + इत
(ख) प्रतिष्ठा + इत
(ग) प्रति + ष्ठित
(घ) प्रतिष्ठा + त

21. ‘घृणित’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) घृ + णित
(ख) घृण + इत
(ग) घृणा + इत
(घ) घृणा + त

22. ‘तल्लीनता’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) तल्लीन + आ
(ख) तल + लीनता
(ग) तल्लीन + ता
(घ) तल्ली + नता

23. ‘समझाइश’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) सम + झाइश
(ख) समझ + आइश
(ग) समझा + इश
(घ) समझ + इश

24. ‘रुलानेवाली’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) रुल + आनेवाली
(ख) रुलाने + आली
(ग) रुलाना + वाली
(घ) रुला + नेवाली

25. प्रत्यय के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
(क) प्रत्यय का निश्चित अर्थ होता है
(ख) प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ते हैं
(ग) प्रत्यय बद्ध रूप हैं
(घ) प्रत्यय का स्वतंत्र प्रयोग होता है

26. शब्द-रचना की दृष्टि से ‘उपकारक’ में क्या है?
(क) उपसर्ग और प्रत्यय दोनों
(ख) केवल समास
(ग) केवल प्रत्यय
(घ) केवल उपसर्ग

27. ‘बदचलनी’ शब्द का सही खंड (रचना) कौन-सा है?
(क) ब + दचलन + ई
(ख) बदचल + नी
(ग) बद + चलन + ई
(घ) बद + चल + नी

28. ‘खरीददारी’ में कौन-से प्रत्यय हैं?
(क) केवल दारी
(ख) ददार + ई
(ग) आर + ई
(घ) दार + ई

29. कथन (A): ‘पाठक’ में कृत् प्रत्यय है।
कारण (R): ‘अक’ प्रत्यय क्रिया (पठ्) में लगकर कर्ता बताने वाला शब्द बनाता है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।

30. कथन (A): ‘मिठास’ में ‘आस’ प्रत्यय भाववाचक संज्ञा बनाता है।
कारण (R): ‘आस’ स्थानबोधक प्रत्यय है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।

31. कथन (A): ‘चायवाला’ में ‘वाला’ कृत् प्रत्यय है।
कारण (R): ‘वाला’ व्यवसायबोधक प्रत्यय है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।

32. कथन (A): ‘भारतीय’ में स्थानबोधक प्रत्यय है।
कारण (R): ‘ईय’ तत्सम प्रत्यय है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।

इस स्तर के उत्तर और कारण लेख के अंत में ‘उत्तर कुंजी’ में दिए गए हैं — पहले ख़ुद हल करें, फिर मिलाएँ।

उत्तर कुंजी (उत्तर और कारण)

अतिरिक्त स्तर 1: आसान

1. (ग) — सुंदर + ता = सुंदरता।

2. (घ) — ईमान + दार = ईमानदार।

3. (ख) — मनुष्य + त्व = मनुष्यत्व।

4. (ग) — राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय।

5. (ख) — सुख + ई = सुखी।

6. (ग) — गै (गा) + अक = गायक — कर्ता बताने वाला कृत् प्रत्यय।

7. (घ) — पढ़ + आई = पढ़ाई।

8. (ख) — मीठा + आस = मिठास।

9. (ग) — बच्चा + पन = बचपन।

10. (घ) — बूढ़ा + आपा = बुढ़ापा (मोटा + आपा = मोटापा)।

11. (ख) — लोहा + आर = लुहार।

12. (घ) — जहर + ईला = जहरीला।

13. (ग) — रंग + ईन = रंगीन।

14. (ग) — साल + आना = सालाना।

15. (घ) — खेल (खिल) + औना = खिलौना।

16. (क) — मिल + आवट = मिलावट।

17. (क) — घबरा + आहट = घबराहट।

18. (ख) — लाल + इमा = लालिमा।

19. (ख) — आगे + ला = अगला (क्रियाविशेषण से विशेषण)।

20. (घ) — उच्च + तम = उच्चतम।

21. (क) — चाय + वाला = चायवाला।

22. (ख) — जादू + गर = जादूगर।

23. (घ) — जापान + ई = जापानी।

24. (ख) — घोड़ा + ई = घोड़ी।

25. (ख) — पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाता है।

26. (घ) — सोना + आर — सोने का काम करने वाला।

27. (क) — पंजाब का रहने वाला — स्थानबोधक।

28. (क) — तुलना का स्तर बताता है।

29. (घ) — लेख में यह स्त्रीलिंग से पुल्लिंग का उदाहरण है।

30. (ख) — लेख की ‘ध्यान देने योग्य बातें’ देखें।

31. (घ) — क्रिया में लगने वाले कृत्, अन्य शब्दों में लगने वाले तद्धित।

32. (क) — शेष में उपसर्ग या समास है।

अतिरिक्त स्तर 2: मध्यम

1. (ग) — मानव + ईय + ता — दो प्रत्यय।

2. (ग) — ईमान + दार + ई।

3. (ग) — उप (उपसर्ग) + कार (मूल) + अक (प्रत्यय)।

4. (ग) — अन् उपसर्ग, उदार मूल शब्द, ता प्रत्यय।

5. (क) — उपसर्ग और प्रत्यय दोनों।

6. (घ) — व्यापार + इक।

7. (क) — इक प्रत्यय लगने पर आदि स्वर में वृद्धि नहीं होती यहाँ, केवल इक जुड़ता है।

8. (क) — समूह + इक — ‘इक’ लगने पर पहला ‘अ’ ‘आ’ हो जाता है।

9. (क) — स्वभाव + इक = स्वाभाविक।

10. (ग) — ईला प्रत्यय — संज्ञा से विशेषण।

11. (ग) — आवट प्रत्यय।

12. (ग) — लेख की पाठ-सूची के अनुसार मालिक + इन।

13. (क) — आइन प्रत्यय — स्त्रीलिंग।

14. (घ) — वान प्रत्यय।

15. (क) — दार प्रत्यय।

16. (ख) — कृ + तव्य = कर्तव्य — करने योग्य।

17. (क) — पठ् + अनीय = पठनीय।

18. (क) — गै + य = गेय — गाने योग्य।

19. (घ) — नृत् (क्रिया) + अक।

20. (घ) — देव (संज्ञा) + त्व।

21. (ख) — लेख की सारणी के अनुसार।

22. (घ) — संज्ञा में लगने वाला आगत प्रत्यय।

23. (घ) — देना (क्रिया) से बना; लेख की सारणी के अनुसार।

24. (घ) — पीने वाला, भूलने वाला।

25. (घ) — लेख के (ग) भाग के अनुसार।

26. (क) — करने योग्य, कहने योग्य।

27. (क) — लोभ (संज्ञा) → लोभी (विशेषण)।

28. (ग) — गरीब (विशेषण) → गरीबी (भाववाचक संज्ञा)।

29. (क) — डिब्बा → डिबिया — दोनों संज्ञा।

30. (ख) — पीछे, नीचे (क्रियाविशेषण) → पिछला, निचला।

31. (ग) — शर्म + नाक — आगत प्रत्यय।

अतिरिक्त स्तर 3: कठिन

1. (ख) — राष्ट्र → राष्ट्रीय → राष्ट्रीयता।

2. (घ) — संप्रदाय + इक + ता।

3. (ख) — इक प्रत्यय लगने पर ‘वि’ का ‘वै’ हो जाता है।

4. (ख) — काला + इमा + मय + ई।

5. (क) — बुद्धि + मान + ई।

6. (ख) — अनुपात + इक।

7. (ख) — गम् (क्रिया) + तव्य; शेष में तद्धित।

8. (ग) — लड़का (संज्ञा) + पन; शेष क्रिया से बने।

9. (ग) — जहरीला विशेषण है।

10. (ख) — सुनार में व्यवसायबोधक प्रत्यय है।

11. (घ) — आगत/विदेशी प्रत्यय की सूची में।

12. (ग) — मेहनत + आना।

13. (क) — दौलत + मंद — आगत प्रत्यय।

14. (ग) — स्तरबोधक प्रत्यय।

15. (घ) — एक ही ‘आ’ प्रत्यय प्रिया में स्त्रीलिंग और भैंसा में पुल्लिंग बनाता है।

16. (ख) — ससुर + आल।

17. (ख) — अंत + इम।

18. (क) — विधि + वत्।

19. (घ) — लेख की पाठ-सूची के अनुसार।

20. (ख) — इत प्रत्यय — विशेषण बनाता है।

21. (ग) — घृणा + इत।

22. (ग) — ता प्रत्यय।

23. (ख) — आइश प्रत्यय।

24. (ग) — वाली प्रत्यय।

25. (घ) — प्रत्यय स्वतंत्र रूप में प्रयोग नहीं होते।

26. (क) — उप + कार + अक।

27. (ग) — बद उपसर्ग, ई प्रत्यय।

28. (घ) — खरीद + दार + ई।

29. (क) — R ही A का कारण है।

30. (ग) — आस स्थानबोधक नहीं है।

31. (घ) — चाय संज्ञा है, इसलिए वाला यहाँ तद्धित है; A गलत, R सही।

32. (ख) — दोनों सही, पर तत्सम होना स्थानबोधक होने का कारण नहीं।

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